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महाकाल की नगरी उज्जैन को मिलेगी हवाई सुविधा — सिंहस्थ 2028 से पहले बन जाएगा नया एयरपोर्ट, 250 करोड़ की परियोजना पर शुरू हुआ सर्वे
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर को अब अपना एयरपोर्ट मिलने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही एविएशन विभाग की टीम उज्जैन पहुंचने वाली है, जिसके बाद निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा एयरपोर्ट निर्माण
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन एयरपोर्ट को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मौजूदा दताना एयर स्ट्रिप के पास करीब 250 एकड़ नई जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
राज्य शासन ने भू-अर्जन प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि काम में तेजी लाई जा सके। यह प्रोजेक्ट उज्जैन के विकास के साथ-साथ सिंहस्थ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।
एविएशन विभाग ने भेजा स्वीकृति पत्र
एविएशन मंत्रालय ने नई दिल्ली से औपचारिक स्वीकृति पत्र भेजा है, जिसमें प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण और आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना के तहत वर्तमान में मौजूद 950 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 1800 मीटर किया जाएगा। एयरपोर्ट निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है। भविष्य में, बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए एयरपोर्ट के दूसरे चरण में अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की भी तैयारी की जाएगी।
चार साल पहले शुरू हुई थी कवायद
उज्जैन एयरपोर्ट का सपना कोई नया नहीं है। इसकी शुरुआत चार साल पहले हुई थी, जब उस समय के केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दताना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में विकसित करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने लगातार केंद्र और राज्य सरकार से इस परियोजना को लेकर चर्चा की। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी यह प्रस्ताव आगे बढ़ा, लेकिन अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इसे गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का सपना साकार होने की दिशा में
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो स्वयं उज्जैन के निवासी हैं, ने अपने शहर को एयर कनेक्टिविटी देने का संकल्प लिया था। उन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए राज्य स्तर पर राशि स्वीकृत की है और केंद्र सरकार के सहयोग से इस परियोजना को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 के पहले यहां से नियमित हवाई सेवाएं शुरू कर दी जाएं, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिल सके।
उज्जैन को मिलेगा पर्यटन और व्यापार में नया आयाम
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद उज्जैन को पर्यटन और व्यापार दोनों क्षेत्रों में नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। महाकालेश्वर मंदिर, रामघाट, सांदीपनि आश्रम जैसे धार्मिक स्थलों के कारण उज्जैन पहले से ही देश-विदेश के श्रद्धालुओं का केंद्र है। एयरपोर्ट बनने से यहां पर्यटकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके साथ ही, स्थानीय उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना की मुख्य बातें
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एयरपोर्ट सर्वे कार्य शुरू, जल्द पहुंचेगी एविएशन टीम।
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मौजूदा रनवे को 950 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया जाएगा।
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250 एकड़ नई जमीन होगी अधिग्रहित।
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कुल लागत: लगभग 250 करोड़ रुपए।
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लक्ष्य: सिंहस्थ 2028 से पहले एयरपोर्ट का शुभारंभ।